हरदा।विकसित भारत संकल्प यात्रा मंगलवार को जिले के ग्राम सोनतलाई,कचबैड़ी,पचौला, चिकलपाट,रामटैकरैयत व कुकड़ापानी पहुँची।गांव में संकल्प यात्रा के पहुँचने पर स्थानीय ग्रामीणों ने स्वागत किया।ग्राम कुकड़ापानी में सांसद दुर्गादास उइके संकल्प यात्रा में शामिल हुए।इस दौरान जिला पंचायत सीईओ रोहित सिसोनिया सहित अन्य जनप्रतिनिधि व अधिकारी मौजूद थे।सांसद उइके ने इस अवसर पर ग्रामीणों को संबोधित करते हुए कहा कि सरकार द्वारा संचालित योजनाओं का लाभ हर पात्र व्यक्ति को दिलाने तथा जनकल्याणकारी योजनाओं के प्रचार-प्रसार के उद्देश्य से विकसित भारत संकल्प यात्रा प्रारम्भ की गई है। इस यात्रा के तहत भारत सरकार से प्राप्त प्रचार वाहन आगामी 26 जनवरी तक जिले की सभी ग्राम पंचायतों का दौरा करेगा। इस अवसर पर सांसद उइके ने विभिन्न योजनाओं के हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किये।ग्राम कुकड़ापानी में स्वास्थ्य विभाग द्वारा निःशुल्क स्वास्थ्य परीक्षण शिविर आयोजित कर मरीजों को चिकित्सकों द्वारा दवाई दी गई। सांसद उइके ने चिकलपाट में भी हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किये।कार्यक्रम में जिला पंचायत गजेन्द्र शाह सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी मौजूद थे।
‘विकसित भारत संकल्प यात्रा’ के दौरान ग्राम सोनतलाई, कचबैड़ी,पचौला,चिकलपाट, रामटैकरैयत व कुकड़ापानी में विकास कार्यों पर केन्द्रित फिल्म का प्रदर्शन प्रचार वाहन में लगे एलइडी टीवी के माध्यम से किया गया।इन गांवों में विभिन्न हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत चयनित हितग्राहियों को स्वीकृति पत्र प्रदान किये गये तथा योजनाओं का लाभ लेने के इच्छुक ग्रामीणों से योजनाओं के आवेदन भी भरवाये गये।ग्राम कुकड़ापानी व सोनतलाई में स्वाइल हेल्थ कार्ड किसानों को वितरित किये गये तथा किसानों को मिट्टी परीक्षण कराने के लिये मिट्टी का सैंपल लेने की प्रक्रिया के बारे में बताया गया और उन्हें मिट्टी परीक्षण कराने के लाभ के बारे में समझाया गया।इससे पूर्व सोमवार को ग्राम करनपुरा पहुँचने पर स्कूली छात्राओं व महिलाओं ने कलश यात्रा आयोजित की। यात्रा के दौरान ग्रामीणों को केन्द्र सरकार की योजनाओं की जानकारी देने वाला वर्ष 2024 का केलेण्डर वितरित किया गया। ग्राम करनपुरा व हनीफाबाद में कृषि विभाग द्वारा ड्रोन के माध्यम से नैनो यूरिया छिड़काव प्रक्रिया का प्रदर्शन किसानों के बीच किया गया। गांव के प्रगतिशील किसानों ने प्राकृतिक खेती अपनाने के बाद उन्हें हुए लाभ के संबंध में अपने अनुभव सुनाए और अन्य किसानों से अपील की कि वे भी प्राकृतिक व जैविक खेती अपनाएं।
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